ममता का धर्मतला में ‘मैराथन’ धरना! बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के जवाब में एक हफ्ते तक चलेगा प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ की आहट के साथ ही राज्य में राजनीतिक तपिश बढ़ गई है। एक ओर बीजेपी ‘परिवर्तन यात्रा’ के जरिए माहौल बनाने में जुटी है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के धर्मतला (मेट्रो चैनल) पर मोर्चा खोल दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, यह धरना सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि तृणमूल कांग्रेस इसे करीब एक हफ्ते तक जारी रख सकती है। पार्टी के मंत्रियों और प्रवक्ताओं को लंबे समय तक मंच संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

धरने का मुख्य कारण: SIR और मतदाता सूची विवाद: ममता बनर्जी के इस विरोध का मुख्य केंद्र मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया (SIR) है। मुख्यमंत्री का आरोप है कि केंद्र और चुनाव आयोग ने मिलकर करीब ६० लाख वैध मतदाताओं के नाम संदिग्ध श्रेणी में डाल दिए हैं या हटा दिए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। हालांकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन ममता बनर्जी इसे जनता के बीच ले जाकर चुनावी मुद्दा बनाना चाहती हैं।

बीजेपी का पलटवार: बीजेपी ने ममता के इस धरने को गंभीरता से नहीं लिया है। प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य का कहना है कि सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा इतना बढ़ चुका है कि अब इस तरह के नाटकों से कुछ नहीं बदलने वाला। बीजेपी का मानना है कि ममता बनर्जी भ्रष्टाचार और अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए वोटर लिस्ट का सहारा ले रही हैं। अगले कुछ दिनों में धर्मतला का यह मंच बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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