राजनीति के पहले भाषण में ही छा गईं मेनका गुरुस्वामी, ममता बनर्जी ने कहा- “दिल जीत लिया!”

कोलकाता के मेट्रो चैनल पर एक बार फिर साल 2006 वाली सरगर्मी लौट आई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से लाखों नाम काटे जाने के विरोध में फिर से धरना शुरू कर दिया है। इसी ऐतिहासिक मंच पर शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार और मशहूर वकील मेनका गुरुस्वामी ने अपनी राजनीतिक पारी का आगाज किया। अपने पहले ही भाषण में मेनका ने ऐसी दहाड़ लगाई कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद को उनकी प्रशंसा करने से रोक नहीं पाईं।

“वोट के अधिकार को कोई नहीं छीन सकता”: वोटर लिस्ट से करीब 60 लाख नाम हटाए जाने और इतने ही नामों को ‘पेंडिंग’ रखने के मुद्दे पर मेनका गुरुस्वामी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “अगर नागरिक वोट ही नहीं दे पाएंगे, तो चुनाव का मतलब क्या रह जाएगा? हम इसके खिलाफ अदालत में लड़ रहे हैं। आपका वोट देने का अधिकार था, है और हमेशा रहेगा।” सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष रखने वाली मेनका के इस तेवर ने दीदी का दिल जीत लिया। ममता बनर्जी ने तुरंत उनकी तारीफ करते हुए कहा, “शानदार बोला आपने, हमारा दिल जीत लिया।”

दीदी का चुनाव आयोग पर सीधा हमला: ममता बनर्जी ने इस धरने के जरिए निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मंच से कहा, “जिन्हें रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, उनमें से 22 जीवित लोगों को मैं खुद इस मंच पर लाकर खड़ा करूंगी।” मुख्यमंत्री का आरोप है कि जानबूझकर बंगाल के लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर करने की साजिश रची जा रही है।

मेनका: टीएमसी का नया ट्रंप कार्ड: मेनका गुरुस्वामी को राज्यसभा भेजकर ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करना चाहती हैं। मेनका न केवल एक कानून विशेषज्ञ हैं, बल्कि अब वे एक कुशल वक्ता के रूप में भी उभर रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संसद के भीतर संवैधानिक मुद्दों पर भाजपा को घेरने के लिए टीएमसी मेनका गुरुस्वामी को अपने सबसे बड़े हथियार के रूप में देख रही है।

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