छुट्टी के लिए पायलट की मजबूरी! लखनऊ में रेलवे अधिकारी के सामने उतारी पैंट, दिखाया ऑपरेशन का जख्म

भारतीय रेलवे के लखनऊ डिवीजन से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक लोको पायलट को अपनी बीमारी का सबूत देने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारी के सामने अपनी पैंट उतारनी पड़ी। लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन पर तैनात इस लोको पायलट का हाल ही में पाइल्स का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन घाव न भरने के बावजूद उन्हें जबरन ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया जा रहा था।
क्या है पूरा विवाद? मिली जानकारी के अनुसार, लोको पायलट ने अपने ऑपरेशन के बाद कुछ और दिनों की छुट्टी (Medical Leave) मांगी थी क्योंकि वह बैठने या चलने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने अपने मेडिकल कागजात, डॉक्टर का पर्चा और दवाइयां भी दिखाईं, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने छुट्टी देने से साफ इनकार कर दिया। उन पर काम पर लौटने का भारी दबाव बनाया जा रहा था और बार-बार बीमारी का ‘ठोस सबूत’ मांगा जा रहा था।
अधिकारी के सामने पैंट उतारकर जताया विरोध: जब अधिकारी किसी भी कागजी सबूत को मानने को तैयार नहीं हुए, तो दर्द से कराह रहे पायलट ने आपा खो दिया और दफ्तर के भीतर ही अपनी पैंट उतारकर ऑपरेशन का घाव दिखाने की कोशिश की। इस घटना की तस्वीर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। हालांकि, लोको पायलट यूनियन के हस्तक्षेप के बाद उनकी छुट्टी मंजूर कर ली गई, लेकिन अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए उन्हें ३ मार्च को एक दिन के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया गया था।
यूनियन का रुख: यूनियन ने अधिकारियों के इस रवैये को ‘अमानवीय’ बताया है। उनका कहना है कि एक कर्मचारी को अपनी बीमारी साबित करने के लिए इस हद तक मजबूर करना शर्मनाक है। फिलहाल ४ मार्च को उनका निलंबन हटा लिया गया है, लेकिन इस घटना ने रेलवे के वर्क कल्चर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।