भारतीय नौसेना की मेगा योजना: ४०० अनमैन्ड सरफेस वेहिकल्स (USV) से होगी हिंद महासागर की निगरानी

भारतीय नौसेना अपनी निगरानी क्षमता और समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए ‘मानवरहित तकनीक’ (Unmanned Technology) को बड़े पैमाने पर अपनाने जा रही है। अगले दशक में लगभग ४०० मानवरहित सरफेस जहाज (USV) हासिल करने की योजना बनाई गई है। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की पकड़ मजबूत करने के लिए यह एशिया का सबसे बड़ा ‘मानवरहित’ बेड़ा होगा।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • चौबीसों घंटे निगरानी: ७,५०० किलोमीटर लंबी भारतीय तटरेखा पर निरंतर नजर रखने के लिए ये जहाज तैनात किए जाएंगे। मानवरहित होने के कारण इन्हें लंबे समय तक समुद्र में रखा जा सकता है।
  • विविध क्षमताएं: बेड़े में छोटे और फुर्तीले जहाजों के साथ-साथ बड़े समुद्री गश्ती जहाज भी शामिल होंगे। छोटे जहाजों का उपयोग नौसैनिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए होगा, जबकि बड़े जहाज गहरे समुद्र में गश्त करेंगे।
  • हथियारों से लैस: इनमें से कुछ जहाजों पर हथियार भी लगे होंगे, जिससे वे संदिग्ध नौकाओं, समुद्री डाकुओं या दुश्मन के ड्रोन का तुरंत जवाब दे सकेंगे।

रणनीतिक महत्व: हिंद महासागर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। तेल, माल और तस्करी पर नजर रखने के लिए ये ‘ड्रोन जहाज’ नौसेना की तीसरी आंख का काम करेंगे। नौसेना इन जहाजों के संचालन और रखरखाव के लिए विशेष ऑटोनॉमस ऑपरेशन बेस भी स्थापित करने की योजना बना रही है।

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