५३.५ लाख वोटरों का नाम अब भी ‘पेंडिंग’! चुनाव आयोग ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े

पश्चिम बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट को लेकर छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में लगभग ६१ लाख वोटरों के नाम ‘विचाराधीन’ (SIR) थे, जिनमें से अब तक केवल ७.५ लाख नामों का ही निपटारा हो पाया है। गुरुवार तक ६.५ लाख नामों पर फैसला हुआ था, लेकिन अब भी ५३.५ लाख वोटरों का भविष्य अधर में लटका है।

ममता बनर्जी का हमला: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और लाखों नाम काटे जाने के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के मेट्रो चैनल पर धरने पर बैठ गई हैं। उनका आरोप है कि जानबूझकर जीवित वोटरों को ‘मृत’ दिखाकर सूची से बाहर किया जा रहा है। इस पर आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई जीवित व्यक्ति मृत सूची में है, तो वह खुद या उसकी पार्टी शिकायत दर्ज करा सकती है, जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

आयोग की नई तैयारी: काम की सुस्त रफ्तार को देखते हुए आयोग ने २०० अतिरिक्त जुडिशल ऑफिसर बुलाने का फैसला किया है। ये अधिकारी शनिवार को पहुंचेंगे और सोमवार से काम शुरू करेंगे। इसके साथ ही राज्य में कुल जुडिशल अफसरों की संख्या ७०५ हो जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से भी आयोग कोई ढील नहीं बरत रहा है। राज्य में कुल २४० कंपनी केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं, जिसमें सीआरपीएफ (१२०) और बीएसएफ (६५) की प्रमुख भूमिका होगी। इनका काम मतदाताओं में विश्वास जगाना और संवेदनशील इलाकों में गश्त करना होगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *