छोटे निवेश से बड़ा व्यवसाय: पुरुलिया की गृहिणी की अनोखी बिजनेस आइडिया से प्रभावित हुए लोग

आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करते हुए पुरुलिया के रघुनाथपुर की रहने वाली गृहिणी माला सूत्रधार ने साबित कर दिया है कि लगन हो तो घर बैठे भी सफल बिजनेस शुरू किया जा सकता है। माला मिट्टी, कागज, कपड़े और रंगों का उपयोग करके बेहद आकर्षक संथाली आदिवासी मास्क बना रही हैं, जिनकी मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
कैसे शुरू हुआ यह सफर? आदिवासी संस्कृति के प्रति अपने लगाव के कारण माला ने कला को अपना पेशा बनाने का फैसला किया। वह बहुत ही कम लागत वाली चीजों—जैसे मिट्टी और रद्दी कागज—का उपयोग करके ऐसे मास्क बनाती हैं जो न केवल सुंदर हैं, बल्कि आदिवासी परंपरा का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। उनके हुनर की तारीफ स्थानीय लोग खूब कर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं: माला सूत्रधार का यह छोटा सा घरेलू उद्यम आज न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहा है, बल्कि स्थानीय कला को नई पहचान भी दे रहा है। त्यौहारों और मेलों में उनके बनाए मास्क की भारी डिमांड रहती है। माला का सफर उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो कम संसाधनों के साथ भी अपने हुनर के दम पर कुछ बड़ा करना चाहती हैं।