विकसित भारत मिशन में जुटेंगे आनंद बोस, केरल वापसी से पहले बंगाल के लोगों को कहा शुक्रिया

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे देकर सबको चौंका दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफा देने का फैसला उनका अपना ‘सचेत निर्णय’ है। हालांकि, इस्तीफे के पीछे की असली वजह को उन्होंने अभी ‘गोपनीय’ (Confidential) रखने की बात कही है और कहा है कि सही समय आने पर वह इसका खुलासा करेंगे।
1200 दिनों की पारी और क्रिकेट का उदाहरण: राजभवन में अपने कार्यकाल को याद करते हुए बोस ने क्रिकेट की भाषा में बात की। उन्होंने कहा, “मैंने यहां 1200 दिन बिताए हैं, जो क्रिकेट के 12 शतकों के बराबर हैं। खेल का नियम है कि खिलाड़ी को पता होना चाहिए कि कब मैदान छोड़ना है। जहां एंट्री होती है, वहां एग्जिट भी निश्चित है। मुझे लगा कि रुकने का यही सही समय है।” उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और मार्गदर्शन के लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया है।
केरल वापसी और ‘विकसित भारत’ का संकल्प: लोक भवन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, आनंद बोस अब अपने गृह राज्य केरल लौट रहे हैं। वहां वह केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) मिशन को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में काम करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं केरल के विकास और देश को विकसित बनाने के महान मिशन के लिए काम करने जा रहा हूं।”
आर.एन. रवि होंगे बंगाल के नए राज्यपाल: केंद्र सरकार ने राज्यों के राज्यपालों और उप-राज्यपालों के बीच बड़े फेरबदल के तहत आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के अनुसार, जैसे ही नए राज्यपाल कार्यभार संभालेंगे, यह नियुक्ति प्रभावी हो जाएगी। जाते-जाते बोस ने बंगाल की जनता से मिले प्यार के लिए उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।