सोने की कीमत में १९,००० रुपये की भारी गिरावट! ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच क्या यह निवेश का सही समय है?

दुनियाभर में जारी युद्ध के तनाव और अस्थिरता के बावजूद भारतीय सर्राफा बाजार से एक चौंकाने वाली खबर आई है। १० ग्राम सोने की कीमत, जो हाल ही में १,৮০,৭७९ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गई थी, अब वहां से लगभग १९,००० रुपये गिरकर १,৬১,৬৭৫ रुपये पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमैक्स (COMEX) गोल्ड ५,१५৮.७० डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। युद्ध की स्थिति में सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों ने सोने की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान के बाद अब अमेरिका का ध्यान क्यूबा के ऊर्जा संकट की ओर जा सकता है, जिससे भविष्य में सोने और चांदी की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में मांग फिर से बढ़ेगी। एसएस वेल्थस्ट्रीट और एनरिच मनी के विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट घबराने के लिए नहीं, बल्कि सोना जमा करने (Accumulation) का एक बेहतरीन अवसर है।
बाजार के जानकारों के अनुसार, घरेलू बाजार में १,৩৭,০০০ रुपये एक मजबूत सपोर्ट लेवल है। यदि १० ग्राम सोने की कीमत १,৬৫,০০০ रुपये के स्तर को पार करती है, तो २०२६ के मध्य तक सोना फिर से नए रिकॉर्ड बना सकता है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे हर गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करें, क्योंकि लंबी अवधि में सोने का रुझान अभी भी ‘बुलिश’ या ऊपर की तरफ ही है।