६ महीने में अर्श से फर्श तक! ईशान किशन की खूंखार बल्लेबाजी का क्या है राज? कोच ने खोला बड़ा राज!

आज से महज छह महीने पहले तक ईशान किशन टी-२० विश्व कप की योजना का हिस्सा भी नहीं थे। चयनकर्ताओं की पहली पसंद शुभमन गिल थे और ईशान टीम से बाहर होकर घरेलू क्रिकेट की खाक छान रहे थे। लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप फाइनल से पहले ईशान किशन टीम इंडिया की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। उनके बचपन के कोच उत्तम मजूमदार ने बताया है कि आखिर वो कौन सा ‘मंत्र’ था जिसने ईशान को इतना खतरनाक बना दिया।

घरेलू क्रिकेट की मेहनत लाई रंग: कोच उत्तम मजूमदार का मानना है कि टीम से बाहर होना ईशान के लिए एक वरदान साबित हुआ। उन्होंने कहा, “जब उसे टीम से निकाला गया, तो वह मानसिक रूप से काफी आहत था, लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने बुची बाबू टूर्नामेंट, काउंटी क्रिकेट और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जमकर पसीना बहाया। झारखंड को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाने के बाद उसका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया।”

बल्लेबाजी में परिपक्वता: कोच के अनुसार, ईशान अब पहले से कहीं ज्यादा शांत और मैच्योर हो गए हैं। “शॉट्स खेलना उसकी फितरत है, लेकिन अब वह दबाव की स्थितियों को संभालना सीख गया है। पाकिस्तान के खिलाफ उसकी मैच जिताऊ पारी इस बात का सबूत है कि वह अब एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।”

फाइनल के लिए गुरु का संदेश: अहमदाबाद में होने वाले फाइनल से पहले उत्तम मजूमदार ने ईशान के साथ लंच किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने क्रिकेट पर ज्यादा चर्चा नहीं की, बस इतना कहा— “जाओ बेटा, अपने खेल का आनंद लो।” घरेलू क्रिकेट की रगड़पट्टी और खुद को साबित करने की जिद ने आज ईशान किशन को विश्व कप का सबसे बड़ा सितारा बना दिया है।

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