जलपाईगुड़ी में सियासी घमासान: बीजेपी युवा मोर्चा अध्यक्ष का नाम कटा, टीएमसी ने ‘रोहिंग्या’ बताकर उड़ाया मजाक

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘घुसपैठिए’ और ‘रोहिंग्या’ के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को घेरने वाली बीजेपी खुद अब एक अजीबोगरीब स्थिति में फंस गई है। जलपाईगुड़ी जिले में जब अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हुई, तो उसमें बीजेपी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष शुभंकर घोष उर्फ पोलन घोष का नाम ही गायब मिला। उनका नाम ‘डिलीट’ की श्रेणी में आने के बाद टीएमसी ने उन्हें ‘रोहिंग्या’ कहकर ट्रोल करना शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला? पिछले एक साल से बीजेपी बंगाल में एक करोड़ से अधिक रोहिंग्या घुसपैठियों के होने का दावा कर रही थी। इसके बाद एसआईआर (SIR) प्रक्रिया, एनुमेरेशन फॉर्म और प्रोजेनी मैपिंग का दौर चला। जलपाईगुड़ी जिले में करीब २.७५ लाख लोगों को लॉजिकल हियरिंग के नोटिस भेजे गए थे। सुनवाई के बाद जो फाइनल लिस्ट आई, उसमें १.०८ लाख लोगों के नाम या तो पेंडिंग रखे गए या डिलीट कर दिए गए। इन्हीं नामों में बीजेपी के कद्दावर नेता पोलन घोष का नाम भी शामिल है।

टीएमसी का तीखा प्रहार युवा टीएमसी के जिला अध्यक्ष राममोहन राय ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया। उन्होंने पोलन घोष पर तंज कसते हुए कहा, “क्या आप इसी एसआईआर की मांग कर रहे थे? अब तो आपका खुद का नाम ही लिस्ट में नहीं है।” राय ने आगे मजाक उड़ाते हुए कहा कि अगर पोलन बाबू को वोटर लिस्ट में दोबारा नाम जुड़वाने में कोई परेशानी हो रही है, तो वे बेझिझक टीएमसी से संपर्क करें, हम उनकी मदद करेंगे।

बीजेपी नेता का पलटवार विवाद बढ़ता देख पोलन घोष ने भी कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मुझे ट्रोल करने के लिए टीएमसी का शुक्रिया, क्योंकि इससे मेरा मुफ्त में प्रचार हो गया। टीएमसी नेता अब खुद कह रहे हैं कि वे नाम जुड़वा देंगे। इसका मतलब साफ है कि जो नाम जोड़ सकता है, वही नाम काट भी सकता है। मैनागुड़ी विधानसभा में जितने भी लोगों के नाम कटे हैं, उसके पीछे राममोहन राय और उनकी पार्टी का ही हाथ है।”

जलपाईगुड़ी की इस ‘वोटर लिस्ट पॉलिटिक्स’ ने जिले के सियासी पारे को गरमा दिया है। अब देखना यह है कि पोलन घोष का नाम वापस लिस्ट में कब तक जुड़ पाता है।

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