बंगाल ‘युवा साथी’ योजना! क्यों नहीं आया आपके खाते में पैसा? कहीं ये गलतियां तो नहीं कर दीं?

पश्चिम बंगाल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बांग्लार युवा साथी योजना’ को लेकर राज्य के युवाओं में भारी उत्साह है, लेकिन पैसे मिलने की प्रक्रिया को लेकर कुछ असमंजस भी पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घोषणा के अनुसार, ७ मार्च से लाभार्थियों के बैंक खातों में १५०० रुपये की पहली किस्त भेजी जानी शुरू हो गई है। हालांकि, आवेदकों का एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी है, जिनके खाते में अब तक यह राशि नहीं पहुंची है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना के लिए लगभग ८४ लाख से १ करोड़ युवाओं ने आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या में दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। जिन युवाओं ने आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया है, उनका डेटा सिस्टम में पहले से मौजूद होने के कारण उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। दूसरी ओर, जिन्होंने कैंपों या ‘दुआरे सरकार’ के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन किया है, उनका डेटा अभी भी ऑपरेटरों द्वारा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है, जिससे उनकी प्रक्रिया धीमी है।
पैसे अटकने के कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं। यदि आवेदक पहले से ही लक्ष्मी भंडार, कृषक बंधु या युबाश्री जैसी योजनाओं का लाभ ले रहा है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा। इसके अलावा, १ अप्रैल २०२६ तक आयु २१ से ४० वर्ष के बीच होनी चाहिए। बैंक खाते का आधार (DBT) से लिंक न होना और वोटर कार्ड की गलत जानकारी भी आवेदन रद्द होने की बड़ी वजह बन रही है।
आवेदक अपना स्टेटस yubasathi.wb.gov.in पर जाकर चेक कर सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर ६২৯২২৪৮৮৮৮ जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सही आवेदकों को घबराने की जरूरत नहीं है, सत्यापन पूरा होते ही पैसा उनके खाते में पहुंच जाएगा।