चुनाव आयोग के सामने राजीव कुमार! तृणमूल का ‘मास्टरस्ट्रोक’, क्या पूर्व पुलिस अधिकारी पलटेंगे बंगाल की बाजी?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़ा है, और इसी बीच कोलकाता में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। सोमवार सुबह १० बजे से चुनाव आयोग की फुल बेंच और राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें राज्य पुलिस के पूर्व महानिदेशक और वर्तमान राज्यसभा उम्मीदवार राजीव कुमार शामिल हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजीव कुमार को आयोग के सामने भेजना तृणमूल की एक गहरी रणनीति का हिस्सा है। वे न केवल चुनावी बारीकियों को समझते हैं, बल्कि पुलिस प्रशासन के कामकाज के भी विशेषज्ञ हैं। उनके साथ मंत्री फिरहाद हकीम और चंद्रिमा भट्टाचार्य भी मौजूद हैं। माना जा रहा है कि सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट के प्रकाशन में हो रही देरी और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे पर तृणमूल प्रतिनिधिमंडल आयोग को घेर सकता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की टीम का आज का शेड्यूल काफी व्यस्त है। राजनीतिक दलों के बाद, दोपहर १ बजे से सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ समीक्षा बैठक होगी। मंगलवार १० मार्च को केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर चर्चा होगी और पहली बार आयोग ‘बूथ लेवल ऑफिसर्स’ (BLO) से भी सीधा संवाद करेगा। मंगलवार शाम दिल्ली रवानगी से पहले आयोग राज्य की कानून-व्यवस्था पर अपना अंतिम फैसला सुना सकता है। क्या आज ही सप्लीमेंट्री लिस्ट की तारीख साफ होगी? पूरे बंगाल की निगाहें अब चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हैं।

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