टीएमसी की ओर से राजीव कुमार का ‘धमाका’! चुनाव आयोग के सामने फॉर्म-৭ की गड़बड़ियों का खोला कच्चा-चिट्ठा

कोलकाता में चुनाव आयोग की फुल बेंच के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व पुलिस आयुक्त और टीएमसी के राज्यसभा उम्मीदवार राजीव कुमार की उपस्थिति ने सबको चौंका दिया। अपनी पहली ही बैठक में राजीव कुमार ने चुनाव आयोग के सामने ‘फॉर्म-৭’ (वोटर लिस्ट से नाम हटाने का फॉर्म) से जुड़ी बड़ी विसंगतियों को उजागर किया। उन्होंने तर्क दिया कि जिसके खिलाफ शिकायत की जा रही है, उसे बिना बुलाए या बिना सुने उसका नाम लिस्ट से कैसे हटाया जा सकता है?

बैठक के बाद टीएमसी नेताओं ने आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दावा किया कि आयोग ने उन्हें अंत में बोलने का मौका दिया और जब उन्होंने अपनी बात रखनी चाही, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उन्हें “Don’t Shout” (चिल्लाओ मत) कहकर चुप कराने की कोशिश की। चंद्रिमा ने आरोप लगाया कि राज्य में ৬৩ लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं और खास तौर पर महिला मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। राजीव कुमार के तकनीकी सवालों और टीएमसी की शिकायतों के बीच आयोग ने सख्त लहजे में कहा कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए वे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।

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