जयशंकर, डोभाल और जनरल चौहान की हाई-लेवल मीटिंग! मध्य पूर्व के युद्ध पर भारत का बड़ा एक्शन प्लान

मध्य पूर्व (West Asia) में जारी विनाशकारी युद्ध ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सोमवार को संसद भवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल अनिल चौहान एक साथ बैठे। इस गुप्त बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से भारत के हितों की रक्षा करना था।

बैठक के प्रमुख बिंदु और भारत की चिंताएं:

  • प्रवासियों की सुरक्षा: सऊदी, कुवैत, ईरान और बहरीन जैसे देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं। हालिया हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत ने सरकार को सतर्क कर दिया है।
  • आर्थिक प्रभाव: तेल रिफाइनरियों और टैंकरों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘अशनी संकेत’ (बुरा संकेत) है।
  • रणनीतिक सुरक्षा: अजीत डोभाल ने हूती और हिजबुल्लाह जैसे समूहों द्वारा समुद्री मार्गों पर किए जा रहे हमलों के सुरक्षा पहलुओं पर चर्चा की, जबकि सीडीएस ने नौसेना की तैयारियों का जायजा लिया।

जयशंकर ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि पीएम मोदी खुद इस स्थिति पर नजर रख रहे हैं। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और ‘डिप्लोमेसी’ (कूटनीति) पर जोर दिया है।

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