पुरुलिया के उस ‘शापित’ रेलवे स्टेशन का खुलेगा राज! बड़े पर्दे पर आ रही है ‘परबर्ती स्टेशन बेगुनकोदोर’

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले का वह बदनाम ‘बेगुनकोदोर स्टेशन’, जो अपनी डरावनी कहानियों के कारण 42 वर्षों तक सुनसान पड़ा रहा, अब फिल्म की शक्ल में दर्शकों के सामने आ रहा है। अभिनेत्री और निर्माता सुचंद्रा भानिया अब निर्देशन की कमान संभाल रही हैं। चंद्रोदय के साथ मिलकर वह अपनी नई बंगाली फिल्म ‘परबर्ती स्टेशन बेगुनकोदोर’ (अगला स्टेशन बेगुनकोदोर) लेकर आ रही हैं।

फिल्म की कहानी 1967 की उस असली घटना से प्रेरित है, जब स्टेशन मास्टर और उनके परिवार की रहस्यमयी मौत के बाद इस स्टेशन को ‘भूतिया’ घोषित कर दिया गया था। साल 2009 में जब सरकार इसे फिर से खोलने की कोशिश करती है, तब डॉक्टर नयन मुखर्जी (सोहम मजूमदार) इस रहस्य की जांच करने वहां पहुंचते हैं। एक तर्कवादी शोधकर्ता के रूप में नयन को पता चलता है कि इस खौफ के पीछे सिर्फ भूत नहीं, बल्कि स्थानीय पर्यटन, डर और माओवादी गतिविधियों जैसे गहरे मानवीय और राजनीतिक स्वार्थ छिपे हो सकते हैं।

निर्देशक द्वय का कहना है कि यह फिल्म केवल डराने के लिए नहीं है, बल्कि यह उस अलगाव और खोए हुए अवसरों की कहानी है जो एक अफवाह के कारण इस क्षेत्र ने झेले हैं। फिल्म में सैंडी रंग, प्रेरणा दास और सामिउल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। विश्वास और वास्तविकता के बीच की इस जंग को देखने के लिए दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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