कोलकाता में शिक्षा का संग्राम! स्कूलों में अर्धसैनिक बलों का डेरा, ‘सेमेस्टर सिस्टम’ के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल में कक्षा ११वीं और १२वीं के लिए लागू की गई नई ‘सेमेस्टर प्रणाली’ के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। मंगलवार को वामपंथी छात्र संगठन डीएसओ (DSO) ने इस प्रणाली को रद्द करने और स्कूलों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती के विरोध में दक्षिण कोलकाता में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
विवाद की वजह: छात्रों का आरोप है कि २०২৫-২৬ शैक्षणिक सत्र से शुरू हुए सेमेस्टर सिस्टम के कारण साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देना उनके लिए मानसिक बोझ बन गया है। वे पुरानी वार्षिक परीक्षा पद्धति को वापस लाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, राज्य के कई स्कूलों में सुरक्षा बलों के ठहरने की व्यवस्था किए जाने से नियमित कक्षाएं बाधित हो रही हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है।
मैदान-ए-जंग बना कस्बा: कस्बा स्थित दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज से शुरू हुआ यह विरोध मार्च जब जिला स्कूल निरीक्षक (DI) के कार्यालय पहुंचा, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी हाथापाई हुई। एहतियात के तौर पर डीआई ऑफिस के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात है।
ज्ञात हो कि नए नियमों के अनुसार, उच्च माध्यमिक परीक्षा अब दो चरणों में आयोजित की जा रही है। सितंबर २०२৫ और फरवरी २०२६ में इस पद्धति के तहत पहली बार परीक्षाएं हुईं। हालांकि शिक्षा परिषद इसे आधुनिक कदम बता रहा है, लेकिन छात्रों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।