ब्रिगेड रैली के बाद बजेगा चुनावी बिगुल! ममता बनर्जी के बयान से पश्चिम बंगाल में मची हलचल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों को लेकर अटकलें अब अपने चरम पर हैं। राज्य का हर नागरिक यह जानना चाहता है कि चुनाव आयोग आखिरकार कब मतदान की तारीखों का ऐलान करेगा। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने धरने को समाप्त करते हुए चुनाव की तारीखों को लेकर एक बड़ा संकेत दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनाव आयोग पर बोला हमला: अभिषेक बनर्जी के अनुरोध पर अपना धरना वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग और भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है। ममता ने कहा, “ब्रिगेड रैली के बाद अगर चुनाव की घोषणा हो जाए, तो चिंता मत करना।” उनका इशारा 14 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेगा रैली की ओर था। ममता का दावा है कि इतिहास गवाह है कि पीएम की रैली के तुरंत बाद ही चुनाव की तारीखें सामने आती हैं।
सुप्रीम कोर्ट और वोटर लिस्ट का मुद्दा: मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई का जिक्र करते हुए कहा कि अदालत ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई है। उन्होंने बताया कि लगभग 10.16 लाख आपत्तियों का निपटारा किया जा चुका है और 25 मार्च को फिर से सुनवाई होनी है। ममता ने उन मतदाताओं को भरोसा दिलाया जिनके नाम अभी भी प्रक्रिया में हैं, उन्होंने कहा, “अगर 15 या 16 मार्च को भी चुनाव की घोषणा हो जाती है, तो भी हम हर चीज पर नजर रखेंगे। सब कुछ हमारे आवेदन के अनुसार ही हो रहा है।”
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव आयोग की टीम का बंगाल दौरा पूरा हो चुका है और 14 मार्च की बीजेपी की रैली के बाद किसी भी समय आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। ममता के इस बयान ने तृणमूल कार्यकर्ताओं को अभी से चुनावी मोड में डाल दिया है।