बंगाल में एलपीजी का महासंकट! नवान्न में तेल कंपनियों की इमरजेंसी मीटिंग, कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश

पश्चिम बंगाल में ईंधन और एलपीजी गैस की भारी किल्लत को देखते हुए राज्य प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने बुधवार शाम 4 बजे राज्य की सभी प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को नवान्न (राज्य सचिवालय) में आपातकालीन बैठक के लिए तलब किया है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में वर्तमान तेल भंडार की स्थिति और एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू बनाना है।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर बंगाल में रसोई गैस का संकट पहले ही गंभीर हो चुका है और अब दक्षिण बंगाल में भी इसके लक्षण दिखने लगे हैं। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी हस्तक्षेप करते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ बैठक की। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि इस संकट का फायदा उठाकर कोई भी कालाबाजारी न कर सके, यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन की कमी के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़नी चाहिए।
कोलकाता और दुर्गापुर जैसे औद्योगिक शहरों में होटल और रेस्तरां मालिक गैस की कमी के कारण भारी मुसीबत में हैं। परिवहन क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है क्योंकि ऑटो एलपीजी की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जिससे नई कीमत 62.68 रुपये हो गई है। बढ़े हुए दामों के बावजूद पंपों पर गैस उपलब्ध नहीं है। नवान्न की इस बैठक में तेल कंपनियों से जवाब मांगा जाएगा कि आपूर्ति श्रृंखला में बाधा क्यों आ रही है और इसे जल्द से जल्द कैसे सामान्य किया जा सकता है। सरकार की प्राथमिकता आम जनता को इस संकट से राहत दिलाना है।