प्रोजेक्ट रणजीत: भारतीय सेना को मिलेंगे नए ‘घातक’ टैंक, टी-72 की जगह लेंगे स्वदेशी एफआरसीवी!

भारतीय सेना की युद्धक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘प्रोजेक्ट रणजीत’ पर काम तेज हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सेना के पुराने हो चुके ‘टी-72 अजेय’ टैंकों को बदलकर ‘फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल’ (FRCV) को शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने इस मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जो सीधे तौर पर ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती देगा।

दिग्गज कंपनियां संभालेंगी कमान प्रोजेक्ट रणजीत के तहत प्रोटोटाइप विकसित करने का 70% खर्च सरकार उठाएगी। इस दौड़ में लार्सन एंड टुब्रो (L&T), टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और महिंद्रा डिफेंस जैसी दिग्गज भारतीय कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां डीआरडीओ (DRDO) के साथ मिलकर आधुनिक तकनीक और डिजाइन पर काम करेंगी। सक्रिय सुरक्षा प्रणाली (Active Protection System) जैसे फीचर्स के लिए विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग की संभावना भी तलाशी जा रही है।

सीमा पर बढ़ेगी ताकत नया टैंक लगभग 55 टन का होगा, जिसे मध्यम वजन की श्रेणी में रखा गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह ऊंचे पहाड़ी इलाकों और कठिन सीमावर्ती क्षेत्रों में आसानी से तैनात किया जा सकेगा। टैंक में चार क्रू सदस्यों के बैठने की जगह होगी और यह ऑटोलोडर सिस्टम से लैस होगा। साल 2025 तक इस परियोजना में वैश्विक तकनीक भागीदारों को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। यह टैंक न केवल भारत की रक्षा दीवारों को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में निर्यात के अवसर भी पैदा करेगा।


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