युद्ध की आंच अब अस्पताल की रसोई तक! आसनसोल में मरीजों के खाने पर मंडराया संकट

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की विभीषिका का असर अब पश्चिम बंगाल के अस्पतालों तक पहुँच गया है। आसनसोल जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने वाली ठेका एजेंसी अब भारी संकट में है। गैस की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी भारी किल्लत के कारण मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन देना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

आसनसोल जिला अस्पताल में हर दिन औसतन 700 मरीजों के लिए खाना बनाया जाता है। इसके लिए प्रतिदिन 21 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की आवश्यकता होती है। युद्ध के कारण अब हर सिलेंडर पर 114 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। एजेंसी का कहना है कि न केवल कीमतें बढ़ी हैं, बल्कि गैस की सप्लाई भी कम हो गई है। सरकारी नियमों के अनुसार, एक मरीज के तीन वक्त के खाने के लिए मात्र 56 रुपये आवंटित किए जाते हैं। गैस की बढ़ती कीमतों के बीच इतने कम बजट में मरीजों को भोजन देना अब ठेकेदारों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

अस्पताल कैंटीन के कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो मरीजों की थाली से भोजन कम हो सकता है या उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इस गंभीर स्थिति से अस्पताल प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल, अस्पताल के पास कोई ठोस विकल्प नहीं दिख रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

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