क्या धोनी ने खत्म किया युवराज सिंह का करियर? पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट इतिहास के दो सबसे बड़े नाम—एमएस धोनी और युवराज सिंह। मैदान पर इनकी दोस्ती की मिसाल दी जाती थी, लेकिन मैदान के बाहर युवराज के पिता योगराज सिंह ने धोनी पर अपने बेटे का करियर बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। इतने सालों बाद, पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने इस विवाद पर एक ऐसा खुलासा किया है, जिससे धोनी के विरोधियों को करारा जवाब मिला है।

चयनकर्ता की गवाही: धोनी थे बेगुनाह! संदीप पाटिल, जो चार साल तक टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता रहे, ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि धोनी ने कभी भी युवराज को टीम से बाहर करने की साजिश नहीं रची। पाटिल ने कहा, “मैं यह रिकॉर्ड पर कह रहा हूं कि धोनी का चयन समिति पर पूरा भरोसा था। किसी भी बैठक या दौरे के दौरान धोनी ने कभी युवराज को ड्रॉप करने का अनुरोध नहीं किया।” पाटिल के अनुसार, धोनी ने हमेशा चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान किया और कभी किसी खिलाड़ी के खिलाफ ‘पॉलिटिक्स’ नहीं की।

योगराज सिंह का गुस्सा बरकरार दूसरी ओर, योगराज सिंह अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उन्होंने हाल ही में कहा, “मैं धोनी को कभी माफ नहीं करूंगा। उसने मेरे बेटे के ५ साल बर्बाद कर दिए। युवराज जैसा खिलाड़ी दोबारा नहीं आएगा।” योगराज का मानना है कि धोनी की वजह से ही युवराज को वह विदाई नहीं मिली जिसके वह हकदार थे। हालांकि, संदीप पाटिल के इस नए खुलासे ने अब इस पूरी बहस को एक नया मोड़ दे दिया है।

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