‘माफी मांगने की ज़रूरत नहीं थी!’ अर्शदीप के सपोर्ट में उतरे गौतम गंभीर, ICC के जुर्माने पर दिया बड़ा बयान

वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्शदीप सिंह और डेरिल मिचेल के बीच हुई गहमागहमी ने नया मोड़ ले लिया है। अर्शदीप सिंह द्वारा बल्लेबाज की ओर गेंद फेंकने के मामले में ICC ने उन पर मैच फीस का १५% जुर्माना लगाया है और एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया है। हालांकि, इस पूरे विवाद में टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज गौतम गंभीर मजबूती से अर्शदीप के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
क्या था पूरा मामला? मैच के ११वें ओवर में मिचेल ने अर्शदीप को लगातार दो छक्के जड़े। अगली ही गेंद पर अर्शदीप ने फॉलो-थ्रू में गेंद पकड़कर सीधे बल्लेबाज की ओर दे मारी, जो मिचেল के पैड पर लगी। मैदानी अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ ने इसे खेल भावना के विपरीत माना। मैच खत्म होने के बाद अर्शदीप ने मिचेल से माफी मांग ली थी, लेकिन अंपायरों की रिपोर्ट के आधार पर उन पर जुर्माना ठोक दिया गया।
गंभीर का तीखा रुख गंभीर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे लगता है कि अर्शदीप का रवैया सही था। आप देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, आपको आक्रामकता दिखानी ही होगी। कोई भी गेंदबाज लगातार दो छक्के खाना पसंद नहीं करता। मैं खिलाड़ियों में ऐसा जुनून देखना चाहता हूं।” गंभीर ने आगे कहा कि अगर अर्शदीप माफी नहीं भी मांगते, तो भी कोई समस्या नहीं थी। मैदान पर कोई दोस्त या दुश्मन नहीं होता, वहां सिर्फ मुकाबला होता है।
सोशल मीडिया पर साधा निशाना गौतम गंभीर ने इस मामले को तूल देने के लिए सोशल मीडिया को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “आजकल सोशल मीडिया की वजह से छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बनाया जाता है। पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं। खिलाड़ी का काम देश के लिए मैच जीतना है। अर्शदीप ने अपनी गलती मानी, वह उनका व्यक्तिगत फैसला था, लेकिन मैदान पर आक्रामकता जरूरी है।”