कोलकाता के ‘मां कैंटीन’ पर मंडराया संकट! गैस की किल्लत से क्या रुक जाएगा 5 रुपये वाला खाना?

मध्य पूर्व में जारी युद्ध की लपटें अब कोलकाता की रसोई तक पहुंच गई हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के कारण हड़कंप मच गया है। सबसे बड़ा सवाल अब कोलकाता के प्रसिद्ध एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में स्थित ‘मां कैंटीन’ को लेकर उठ रहा है। क्या गैस संकट के कारण यहां मिलने वाला 5 रुपये का सस्ता और पौष्टिक भोजन बंद हो जाएगा? रोजाना हजारों मरीजों के परिजन इसी कैंटीन के भरोसे अपना पेट भरते हैं।

कोलकाता के प्रतिष्ठित हिंदू हॉस्टल में गैस खत्म होने के कारण सोमवार रात से ही खाना बनना बंद हो गया है। वहां के करीब 120 छात्रों को अब बाहर से महंगा खाना मंगवाना पड़ रहा है। यही स्थिति आरजी कर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टलों की भी है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों के लिए मुख्य रसोई अभी चालू है, लेकिन अगर आपूर्ति अगले दो दिनों में सामान्य नहीं हुई, तो गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। मां कैंटीन के कर्मचारी इस स्थिति को लेकर चिंतित तो हैं, लेकिन उनका कहना है कि वे सेवा जारी रखने की पूरी कोशिश करेंगे। मरीजों के परिजनों का कहना है कि “अगर यह कैंटीन बंद हुई, तो हमारे पास भूखे मरने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।”

इस बीच, केंद्र सरकार ने गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए 10 मार्च को एक नई गाइडलाइन जारी की है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (eKYC) अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे सब्सिडी और आपूर्ति का सही विवरण दर्ज होगा। वैश्विक स्तर पर ईंधन की आपूर्ति बाधित होने और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण देश के कई हिस्सों में गैस की कमी देखी जा रही है। कोलकाता जैसे महानगर में यह किल्लत अब आम आदमी की थाली पर वार कर रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

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