DA केस में नया मोड़! सुप्रीम कोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने दी चुनौती, बकाया रोकने के लिए दायर की ‘रिव्यू पिटीशन

पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) की राह एक बार फिर कठिन हो गई है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें कर्मचारियों को बकाया 25% डीए तुरंत भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। सोमवार, 9 मार्च को शाम 5:48 बजे राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक ‘रिव्यू पिटीशन’ (पुनर्विचार याचिका) दायर की है। इस कानूनी कदम के बाद अब डीए के भुगतान में और देरी होने की आशंका जताई जा रही है।

बता दें कि 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को बकाया राशि चुकाने और बाकी के भुगतान के लिए जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने का आदेश दिया था। हालांकि, राज्य सरकार ने पहले दिसंबर तक का समय मांगा था और अब सीधे फैसले को ही चुनौती दे दी है। इस कदम से साफ है कि सरकार फिलहाल डीए देने की स्थिति में नहीं है और मामले को और लंबा खींचना चाहती है।

सरकारी कर्मचारी संगठनों ने राज्य के इस कदम की कड़ी निंदा की है। कर्मचारियों का कहना है कि डीए उनका अधिकार है और सरकार कानूनी हथकंडों का इस्तेमाल कर उन्हें परेशान कर रही है। इस फैसले के विरोध में और डीए की मांग को लेकर कर्मचारियों ने कल यानी शुक्रवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का आह्वान किया है। अब देखना यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस रिव्यू पिटीशन पर कब सुनवाई करता है और क्या अपने पिछले आदेश पर कायम रहता है या नहीं।

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