चुनाव से पहले एक्शन में इलेक्शन कमीशन! पुलिस और 25 एजेंसियों के साथ मैराथन बैठक, क्या है मास्टर प्लान?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही निर्वाचन आयोग ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। गुरुवार और शुक्रवार को राज्य पुलिस प्रशासन और 25 एन्फोर्समेंट एजेंसियों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की अहम बैठकें हो रही हैं। आयोग का स्पष्ट लक्ष्य है कि चुनाव की घोषणा से पहले ही राज्य की सुरक्षा स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया जाए।

गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुई यह बैठक शुक्रवार को भी जारी रहेगी। आयोग ने रिजर्व बैंक (RBI) और स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है ताकि चुनाव के दौरान अवैध धन के प्रवाह को रोका जा सके। इससे पहले बुधवार को एएसपी, डीएसपी और जॉइंट सीपी स्तर के पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय बलों के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर काम करना होगा।

आयोग ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों की पहचान करने और गैर-जमानती वारंट (NBW) को शून्य पर लाने का लक्ष्य रखा है। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश उन लोगों के खिलाफ है जो इलाके में अशांति फैला सकते हैं; आयोग ने उन्हें चिन्हित कर पहले ही इलाके से हटाने को कहा है। बूथों पर वेबकास्टिंग और केंद्रीय बलों की गाड़ियों में कैमरे लगाने जैसे तकनीकी पहलुओं पर भी जोर दिया गया है। बंगाल चुनाव को हिंसा मुक्त बनाने के लिए आयोग ने अभी से अपनी कमर कस ली है।

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