चुनाव से पहले एक्शन में इलेक्शन कमीशन! बंगाल पुलिस को दी सख्त चेतावनी, अपराधियों की अब खैर नहीं

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ की तारीखों के ऐलान से पहले ही चुनाव आयोग ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार और शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने पुलिस प्रशासन और २५ प्रवर्तन एजेंसियों (Enforcement Agencies) के साथ महत्वपूर्ण बैठकों का दौर शुरू किया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान हिंसा को रोकना और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।
आयोग के सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के अधिकारियों को भी तलब किया गया है ताकि चुनाव में धनबल के अवैध इस्तेमाल पर लगाम लगाई जा सके। बुधवार को ही शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के भवन में पुलिस अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने सख्त निर्देश दिए कि पेंडिंग गैर-जमानती वारंट (NBW) को तुरंत तामील किया जाए और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि इस बार केंद्रीय सुरक्षा बलों की गाड़ियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और संवेदनशील बूथों पर शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की जाएगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि गड़बड़ी करने वाले तत्वों को पहले ही चिन्हित कर लिया जाए और उन्हें मतदान से पहले ही हटा दिया जाए। अति-संवेदनशील बूथों की सूची फिर से तैयार की जा रही है ताकि वहां सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा सकें।