ममता बनर्जी का बड़ा चुनावी दांव! पश्चिम बंगाल में 5 नए विकास बोर्डों का ऐलान, किसे होगा फायदा?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक दांव खेला है। राज्य सरकार ने दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़े समुदायों के कल्याण के लिए पांच नए विकास और सांस्कृतिक बोर्ड (Development and Cultural Boards) बनाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी दी।
नबनना (सचिवालय) के सूत्रों के अनुसार, जिन पांच समुदायों के लिए अलग बोर्ड बनाए जाएंगे उनमें मुंडा (ST), कोरा (ST), डोम (SC), कुंभकार (OBC) और सद्गोप (OBC) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये समुदाय बंगाल की संस्कृति का गौरव हैं और उनके सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। ये बोर्ड न केवल इन समुदायों की समस्याओं का समाधान करेंगे, बल्कि उनकी पारंपरिक भाषा और विरासत को संरक्षित करने का भी काम करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और ओबीसी (OBC) वोट बैंक को साधने के लिए यह तृणमूल सरकार की एक सोची-समझी रणनीति है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे चुनावी हथकंडा करार दिया है। गौरतलब है कि पिछले ही दिन मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के लिए ‘वेस्ट बंगाल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड’ के गठन की घोषणा की थी। साफ है कि चुनाव की आहट के बीच ममता सरकार हर वर्ग को लुभाने की कोशिश में जुट गई है।