खेती-किसानी के लिए बुरी खबर: मानसून के दूसरे भाग में सूखे की आशंका, क्या कहता है नया पूर्वानुमान?
देश में गर्मी की दस्तक के साथ ही अब सबकी नजरें मानसून पर टिकी हैं, लेकिन मौसम विभाग (IMD) की ओर से जो संकेत मिल रहे हैं, वे सुखद नहीं हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल मानसून के दूसरे हिस्से, यानी अगस्त महीने से ‘अल नीनो’ का प्रभाव शुरू हो सकता है, जिससे बारिश की मात्रा में भारी कमी आने की आशंका है।
भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए अच्छा मानसून बेहतर फसलों की गारंटी होता है, लेकिन अल नीनो का सक्रिय होना मानसून की लय बिगाड़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अल नीनो शक्तिशाली रहा, तो अगस्त और सितंबर में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी पूरी तरह से निश्चित होना जल्दबाजी होगी। अल नीनो का प्रभाव ‘नियंत्रित’ रहेगा या ‘विनाशकारी’, इसकी स्पष्ट तस्वीर जून के महीने तक ही सामने आ पाएगी। फिलहाल, किसानों और आम जनता के लिए मानसून का यह पूर्वानुमान चिंता का विषय बन गया है।