राष्ट्रपति के दौरे पर विवाद: केंद्र ने सिलीगुड़ी सीपी और दार्जिलिंग डीएम को डेपुटेशन पर माँगा, बढ़ सकता है टकराव

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के स्थान परिवर्तन और प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त (CP) सी. सुधाकर और दार्जिलिंग के जिलाधिकारी (DM) मनीष मिश्रा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर भेजने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार से इस संबंध में उनकी राय मांगी गई है।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ने सिलीगुड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक रूप से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। कार्यक्रम स्थल को आखिरी समय में फाँसीदेवा से हटाकर 32 किमी दूर बागडोगरा शिफ्ट कर दिया गया था, जिससे राष्ट्रपति नाराज दिखीं थीं। उन्होंने कहा था, “मुझे नहीं पता कि प्रशासन को क्या हुआ है।” साथ ही, उन्हें रिसीव करने के लिए राज्य का कोई मंत्री मौजूद नहीं था, जिसे प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है।

अधिकारियों को केंद्र बुलाने का यह कदम 2020 की उस घटना की याद दिलाता है जब जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्र ने तलब किया था। नवान्न (राज्य सचिवालय) के सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इन अधिकारियों को छोड़ने के पक्ष में नहीं है। इस प्रशासनिक खींचतान के बीच, राष्ट्रपति भवन ने समय की कमी का हवाला देते हुए टीएमसी सांसदों को मिलने की अनुमति भी नहीं दी है।

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