महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ीं! सुप्रीम कोर्ट ने हटाई सीबीआई चार्जशीट पर रोक, क्या होगी गिरफ्तारी?

‘पैसे लेकर सवाल पूछने’ के मामले में तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें सीबीआई को महुआ के खिलाफ चार्जशीट पेश करने से मना किया गया था। इस फैसले के बाद अब महुआ मोइत्रा के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

मामला क्या है? भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर लोकपाल ने सीबीआई को महुआ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दी थी। हालांकि, १९ दिसंबर २०२५ को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए लोकपाल को अपना आदेश वापस लेने को कहा था। लोकपाल ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। शुक्रवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्य बागची की बेंच ने हाईकोर्ट के उस फैसले पर स्टे लगा दिया, जिससे महुआ को राहत मिली थी।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: अदालत ने महुआ मोइत्रा, सीबीआई और निशिकांत दुबे को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश का वह हिस्सा फिलहाल प्रभावी नहीं रहेगा जो जांच एजेंसी के हाथ बांध रहा था। महुआ मोइत्रा, जो २०२४ के लोकसभा चुनाव में दोबारा जीतकर संसद पहुंचीं और केंद्र सरकार पर हमलावर रहीं, उनके लिए यह अदालती आदेश बड़ी मुसीबत खड़ा कर सकता है।

इतिहास और विवाद: महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से महंगे उपहार और नकद लेकर संसद में सवाल पूछे थे। इस विवाद के बाद उनकी सांसदी भी चली गई थी, हालांकि २०२४ में कृष्णनगर से उन्होंने फिर जीत दर्ज की। अब सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद, जांच की आंच उन तक फिर से पहुंचना तय माना जा रहा है। सीबीआई जल्द ही अपनी चार्जशीट दाखिल कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।

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