चुनाव से पहले बड़ी खबर! पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट में ८ लाख लोगों को मिला वोटिंग का हक

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने की तैयारी कर ली है। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से विवादों में रहे ६० लाख विचारधीन (Under Consideration) वोटरों में से १५ लाख नामों का निपटारा कर लिया गया है। यह फैसला राज्य में चुनावी बिगुल बजने से ठीक पहले आया है।
किसका नाम बचा और किसका कटा? आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन १५ लाख नामों की जांच पूरी हुई है, उनमें से ८ लाख से अधिक वोटरों को चुनाव में मतदान करने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, ५ लाख से अधिक लोगों के नाम फिलहाल सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। उनके भविष्य का फैसला अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष ट्रिब्यूनल करेगा। शेष ३५ लाख वोटरों की जांच प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके लिए बंगाल में ५०० से अधिक जज काम कर रहे हैं।
१६ मार्च को चुनाव की घोषणा की संभावना: सूत्रों का दावा है कि सोमवार, १६ मार्च को चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसी स्थिति में, अप्रैल के महीने में एक या दो चरणों में मतदान कराया जा सकता है और अप्रैल के अंत तक नतीजे आने की उम्मीद है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में बंगाल दौरे के दौरान आश्वासन दिया था कि चुनाव से पहले सभी लंबित मामलों को सुलझा लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: पिछले हफ्ते तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने विचारधीन वोटरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट में संशोधन का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। अब सबकी नजरें सोमवार को होने वाले संभावित ऐलान और आने वाली सप्लीमेंट्री लिस्ट पर टिकी हैं।