चुनाव से पहले टीएमसी के लिए ‘फंड’ जुटा रहे रेत माफिया? बीरभूम में सीबीआई जांच की मांग

पश्चिम बंगाल में चुनाव की घोषणा से ठीक पहले बीरभूम जिले में ‘अवैध रेत खनन’ का मुद्दा गरमा गया है। बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिले के अवैध रेत घाटों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए किया जा रहा है। बीजेपी के संगठनात्मक अध्यक्ष उदय शंकर बनर्जी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी धवल जैन को पत्र लिखकर जिले के सभी अवैध रेत खदानों को तत्काल बंद करने की मांग की है।

टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप: उदय शंकर बनर्जी का दावा है कि बीरभूम के इलामबाजार, नानूर, लाभपुर और रामपुरहाट जैसे इलाकों में अवैध रेत का कारोबार चरम पर है। उन्होंने कहा, “चुनाव से पहले टीएमसी का फंड इन्हीं अवैध घाटों से आता है। रेत माफिया और टीएमसी नेताओं के बीच गहरी सांठगांठ है।” बीजेपी ने मांग की है कि पड़ोसी जिले पश्चिम वर्धमान की तरह बीरभूम में भी रेत माफियाओं और उनके कर्मचारियों के ठिकानों पर सीबीआई (CBI) की छापेमारी होनी चाहिए।

नदियों का सीना चीर रहे माफिया: जिले की अजय, मयूरक्षी, कोपाई और द्वारका जैसी नदियों से जेसीबी मशीनों और मशीनीकृत नावों के जरिए अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। नियमों के मुताबिक, केवल टेंडर वाले घाटों से ही रेत निकालने की अनुमति है, लेकिन माफिया सरकारी राजस्व की चोरी कर धड़ल्ले से अवैध उत्खनन कर रहे हैं। इस वर्चस्व की लड़ाई में जिले में कई बार बमबारी और हिंसा की घटनाएं भी हो चुकी हैं।

आम जनता पर बोझ: बीजेपी का आरोप है कि बीरभूम की रेत बाहरी राज्यों और जिलों में तस्करी की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को दोगुनी से तिगुनी कीमत पर रेत खरीदनी पड़ रही है। जिलाधिकारी धवल जैन ने आश्वासन दिया है कि जिले में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, बीजेपी ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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