केंद्र-राज्य टकराव! राष्ट्रपति के दौरे के बाद दार्जिलिंग के डीएम का तबादला, सिलीगुड़ी सीपी को भी केंद्र का बुलावा

सिलीगुड़ी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के स्थान परिवर्तन और प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। राष्ट्रपति के दौरे के लिए जिम्मेदार दो अधिकारियों—दार्जिलिंग के जिलाधिकारी (DM) मनीष मिश्रा और सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त (CP) सी. सुधाकर—को केंद्र सरकार ने दिल्ली में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर बुलाया है।
नए डीएम की नियुक्ति: केंद्र के इस कदम के तुरंत बाद, पश्चिम बंगाल सरकार ने मनीष मिश्रा को दार्जिलिंग के डीएम पद से हटाकर गृह और पर्वतीय मामलों के विभाग में विशेष सचिव नियुक्त कर दिया है। उनकी जगह सुनील अग्रवाल को दार्जिलिंग का नया डीएम बनाया गया है। सुनील अग्रवाल इससे पहले उत्तर बंगाल विकास बोर्ड में विशेष सचिव के पद पर तैनात थे।
प्रशासनिक रस्साकशी: नबन्ना (राज्य सचिवालय) के सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार किसी भी अधिकारी को केंद्र को सौंपने के पक्ष में नहीं है। प्रोटोकॉल विवाद के बाद केंद्र की ओर से इन अधिकारियों को दिल्ली बुलाना राज्य सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, राज्य सरकार ने इन अधिकारियों का तबादला कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केंद्रीय हस्तक्षेप के सामने झुकने वाली नहीं है।