LPG संकट के बीच बड़ी राहत! ईरान के साथ क्या हुई भारत की गुप्त डील?

पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और देश में एलपीजी की बढ़ती किल्लत के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। ईरानी मीडिया ने एक सनसनीखेज दावा किया है कि भारत और ईरान के बीच जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। इसके तहत भारत ने अपने पास जब्त 3 ईरानी तेल टैंकरों को रिहा कर दिया है, जिसके बदले ईरान ने भारत के 2 महत्वपूर्ण जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित रास्ता दिया है।
गैस की किल्लत से मिलेगी राहत शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के दो जहाज, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, भारी मात्रा में एलपीजी और कच्चे तेल के साथ भारतीय तट की ओर बढ़ रहे हैं। शिवालिक में लगभग 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी है, जो देश में गैस की कमी को दूर करने में मददगार साबित होगा। हालांकि, अभी भी भारत के 22 जहाज हॉर्मुज क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिनमें से 6 में एलपीजी और 4 में ईंधन तेल है। दिल्ली सरकार इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर चुकी है।
युद्ध के मैदान में ट्रम्प की दहाड़ युद्ध के 15वें दिन अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ‘खार्ग द्वीप’ पर 90 से अधिक ठिकानों पर भीषण हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी सेना ने अब तक का सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियान चलाया है। वहीं, ईरान ने भी पलटवार करते हुए यूएई के फुजैरा में ड्रोन हमले किए हैं। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि हॉर्मुज में जहाजों का रास्ता रोका गया, तो वे ईरान के तेल भंडारों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देंगे। भारत इस समय फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है ताकि उसकी ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।