बंगाल में मचेगा बवाल? चुनाव की घोषणा को ‘तर्कहीन’ बताकर कोर्ट जाने की तैयारी में विकास भट्टाचार्य

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ की तारीखों के एलान के साथ ही राज्य में सियासी घमासान शुरू हो गया है। सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता और दिग्गज वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा को पूरी तरह से ‘असंवैधानिक’ करार दिया है। उनका कहना है कि मतदाता सूची (Voter List) को पूरा किए बिना चुनाव की तारीखें तय करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
भट्टाचार्य का दावा है कि करीब ६० लाख वोटरों के नाम अभी भी प्रक्रिया में फंसे हुए हैं और उन्हें सूची में बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “बिना नामांकन सूची पूरी किए चुनाव की घोषणा करना आयोग की विफलता है। यह निर्णय पूरी तरह से तर्कहीन और अर्थहीन है।” उन्होंने आशंका जताई कि इस अधूरेपन के कारण राज्य में अराजकता और भय का माहौल फिर से पैदा हो सकता है। बता दें कि चुनाव आयोग ने बंगाल में दो चरणों (२३ और २९ अप्रैल) में मतदान की घोषणा की है, जिसका नतीजा ४ मई को आएगा। भट्टाचार्य का मानना है कि इस कदम से आयोग अनावश्यक कानूनी उलझनों में फंस सकता है।