भारतीय रेलवे का बड़ा धमाका: ५२० किमी के नेटवर्क में फैला सुरक्षा कवच, कोहरे में भी दौड़ेंगी ट्रेनें

भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पूर्व रेलवे ने हावड़ा-नई दिल्ली हाई-डेंसिटी रूट के २६० किलोमीटर लंबे हावड़ा-वर्धमान-छोटाअम्बाना सेक्शन में स्वदेशी ‘कवच’ वर्जन ४.० (Kavach 4.0) को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। यह प्रणाली ट्रेनों को १६० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित चलाने में मदद करेगी।
इस प्रोजेक्ट के तहत ७,८९७ आरएफआईडी (RFID) टैग और ६० ऊंचे टावर लगाए गए हैं, जो ट्रेनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखेंगे। ‘कवच’ की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यदि लोको पायलट सिग्नल नहीं देख पाता या ब्रेक लगाने में चूक जाता है, तो यह सिस्टम अपने आप ब्रेक लगा देता है। यह घने कोहरे में भी चालक को केबिन के अंदर सिग्नल की जानकारी देता है और दो ट्रेनों की आमने-सामने या पीछे से टक्कर को पूरी तरह रोकता है। पश्चिम बंगाल के २२९ किमी और झारखंड के ३१ किमी क्षेत्र को कवर करने वाले इस सिस्टम से ४७ स्टेशन अब पूरी तरह सुरक्षित नेटवर्क का हिस्सा बन गए हैं।