पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों की लगी लॉटरी! सातवें वेतन आयोग में 3 गुना बढ़ सकती है सैलरी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले ममता बनर्जी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए अपना पिटारा खोल दिया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बहुप्रतीक्षित सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन की घोषणा कर राज्य के लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है।

फिटमेंट फैक्टर का गणित: बेसिक पे में भारी उछाल! विशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों का मानना है कि केंद्र सरकार के समान लाभ देने के लिए राज्य सरकार 2.91 से 3.15 तक फिटमेंट फैक्टर लागू कर सकती है।

  • संभावित कैलकुलेशन: यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन (Basic Pay) 18,000 रुपये है, तो 3.15 के फिटमेंट फैक्टर के साथ यह बढ़कर 56,700 रुपये तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही मकान किराया भत्ता (HRA) और महंगाई भत्ते (DA) में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी।

कब से लागू होगा नया वेतन ढांचा? छठे वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है। ऐसे में सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। हालांकि, आयोग के गठन के बाद सिफारिशों को लागू करने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन पूरी संभावना है कि इसे ‘पिछली तारीख’ (Retrospective effect) से लागू किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिल सकता है।

DA में 4% की और बढ़ोतरी: सरकार ने 4% अतिरिक्त महंगाई भत्ते का भी ऐलान किया है, जिससे राज्य का कुल डीए अब 18% से बढ़कर 22% हो गया है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण आयोग की आधिकारिक अधिसूचना में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन इस घोषणा ने चुनावी माहौल में कर्मचारियों के बीच नई ऊर्जा भर दी है।

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