ईरान का सबसे बड़ा खुलासा! युद्ध के बीच चीन और रूस दे रहे हैं तेहरान को सैन्य मदद, अमेरिका में मचा हड़कंप

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। अमेरिकी मीडिया ‘MS NOW’ को दिए साक्षात्कार में अराघची ने दावा किया कि ईरान को इस संकट की घड़ी में चीन और रूस से भरपूर सैन्य सहयोग मिल रहा है। उन्होंने इन दोनों देशों को ईरान का ‘रणनीतिक साझेदार’ बताते हुए कहा कि उनके साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के अलावा सैन्य तालमेल अब बेहद मजबूत है।

अमेरिकी तेल क्षेत्रों पर हमले की चेतावनी: अराघची ने कड़े लहजे में कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान के तेल बुनियादी ढांचे (Oil Infrastructure) को निशाना बनाया, तो ईरान भी चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी में स्थित ऐसी किसी भी तेल रिफाइनरी या ऊर्जा संयंत्र पर हमला किया जाएगा जिसमें अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बारे में उन्होंने साफ किया कि यह रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन ईरान के दुश्मनों और उनके सहयोगियों के लिए यहां से गुजरना नामुमकिन होगा।

परमाणु सामग्री और राजनयिक गतिरोध: जिनेवा में अमेरिकी वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ हुई बातचीत पर अराघची ने कहा कि ईरान का इरादा परमाणु बम बनाने का नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि उनके पास 440 किलोग्राम 60% समृद्ध यूरेनियम का भंडार है। उन्होंने अमेरिका पर ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वाशिंगटन अपनी आक्रामक नीतियों को छिपाने के लिए बहाने बना रहा है। रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिका द्वारा भारत जैसे देशों पर बनाए जा रहे दबाव को भी उन्होंने ‘पाखंड’ करार दिया।


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