बंगाल चुनाव में हिंसा रोकने के लिए चुनाव आयोग का ‘प्लान-24’! पारदर्शी वोटिंग के लिए कड़े नियम लागू
March 15, 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना चुनाव आयोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया कि इस बार बंगाल में न तो ‘पैसों का खेल’ चलेगा और न ही ‘हिंसा’ की कोई जगह होगी।
पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए नए कदम:
- हर २ घंटे में अपडेट: मतदान के दिन हर दो घंटे में वोटिंग प्रतिशत की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। वोटिंग खत्म होते ही फॉर्म 17C के जरिए अंतिम डेटा तुरंत साझा किया जाएगा।
- अधिकारियों पर सख्त नजर: पिछले चुनावों में हिंसा में शामिल रहे पुलिस अधिकारियों की सूची मांगी गई है। जिलाधिकारियों और एसपी को पूरी तरह निष्पक्ष रहने का निर्देश दिया गया है।
- ECI-Net सिस्टम: गणना के ७२ घंटों के भीतर चुनाव से जुड़े सभी आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। यदि गणना में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो VVPAT पर्चियों की गिनती की जाएगी।
बंगाल की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव को ८ के बजाय केवल २ चरणों में (२३ और २९ अप्रैल) कराने का फैसला लिया गया है ताकि सुरक्षा बलों का बेहतर इस्तेमाल हो सके। ४ मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।