‘दीदी’ को फिर मिलेगी शिकस्त? शुभेंदु अधिकारी के ‘मास्टर प्लान’ से बंगाल की राजनीति में हड़कंप!

पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखों का एलान होते ही वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। राज्य के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी है। शुभेंदु ने रविवार को स्पष्ट संकेत दिए कि वह अपनी पुरानी और भरोसेमंद सीट ‘नंदीग्राम’ से ही चुनाव लड़ना पसंद करेंगे। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “मैं फिर से माननीया को हराने के लिए तैयार हूं।”
2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम की जीत ने शुभेंदु अधिकारी को बंगाल की राजनीति का ‘जायंट किलर’ बना दिया था। इस बार भी उनके चुनाव क्षेत्र को लेकर काफी चर्चा थी, लेकिन शुभेंदु ने नंदीग्राम को अपनी पहली पसंद बताकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम की जनता ने उन्हें जो प्यार और समर्थन दिया है, वह उसी भरोसे के साथ मैदान में उतरेंगे।
चुनाव आयोग द्वारा बंगाल में दो चरणों में मतदान कराने के फैसले पर टिप्पणी करते हुए शुभेंदु ने कहा कि मुख्य मुद्दा निष्पक्ष चुनाव का है। उन्होंने दावा किया कि अगर केंद्रीय बलों की मौजूदगी में बिना किसी डर के मतदान होता है, तो सत्ताधारी दल की विदाई निश्चित है। शुभेंदु के इस आक्रामक रुख से साफ है कि वह इस बार भी चुनाव को ‘ममता बनाम शुभेंदु’ की जंग में बदलने की पूरी तैयारी कर चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु का नंदीग्राम पर टिके रहना भाजपा के कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगा। पहले चरण के 152 सीटों के मतदान में पूर्व मेदिनीपुर का इलाका काफी अहम है, जहां शुभेंदु का काफी प्रभाव माना जाता है। अब देखना यह है कि क्या 2021 का इतिहास 2026 में खुद को दोहराता है या बंगाल की राजनीति कोई नया मोड़ लेती है।