रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! मिनटों में बुक होंगे १.२५ लाख टिकट, रेलवे ने ब्लॉक किए २.५ करोड़ फर्जी आईडी

भारतीय रेलवे के टिकट बुकिंग सिस्टम (PRS) में जल्द ही एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय ‘सर्वर डाउन’ या ‘सेशन एक्सपायर्ड’ जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। भारतीय रेलवे लगभग १००० करोड़ रुपये की लागत से अपने पुराने बुकिंग सिस्टम को पूरी तरह से अपग्रेड कर रहा है। इस नए सिस्टम के आने से बुकिंग की रफ्तार मौजूदा क्षमता से ५ गुना बढ़ जाएगी।

नई तकनीक से क्या होगा फायदा? वर्तमान में रेलवे की वेबसाइट और ऐप के जरिए प्रति मिनट लगभग २५,००० टिकट बुक किए जा सकते हैं। नए रिजर्वेशन सिस्टम के लागू होने के बाद यह क्षमता बढ़कर १.२५ लाख टिकट प्रति मिनट हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा ‘तत्काल’ टिकट बुक करने वालों को होगा, जिन्हें अक्सर बुकिंग शुरू होते ही वेबसाइट के धीमे होने के कारण खाली हाथ रहना पड़ता था।

दलालों और फर्जी सॉफ्टवेयर पर सर्जिकल स्ट्राइक: रेलवे ने इस बार सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। अक्सर दलाल अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए सेकंडों में टिकट उड़ा ले जाते थे, लेकिन नए सिस्टम में ऐसी तकनीक होगी जो इन सॉफ्टवेयर को नाकाम कर देगी। रेलवे पहले ही २.५ करोड़ फर्जी यूजर आईडी को ब्लॉक कर चुका है।

कब से शुरू होगी नई व्यवस्था? रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) के अधिकारियों के अनुसार, नए सिस्टम का परीक्षण अंतिम चरण में है। सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल से जून के बीच यह नया सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। हालांकि, पूर्ण आधुनिकीकरण का लक्ष्य अगस्त २०२६ तक रखा गया है, लेकिन यात्रियों को जल्द ही इसकी सुविधा मिलने लगेगी।

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