वोटिंग से पहले बड़ा प्रशासनिक धमाका! इंस्पेक्टर और IC के तबादले पर चुनाव आयोग का सख्त निर्देश जारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के साथ ही राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लेकिन चुनाव आयोग द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के महज कुछ घंटे पहले राज्य पुलिस विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया गया था। इस निर्देश के तहत 27 इंस्पेक्टर और 12 थानों के आईसी (IC) समेत कुल 39 अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की गई थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद ये तबादले प्रभावी होंगे?

चुनाव आयोग ने इस मामले में अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। आयोग के नियमों के मुताबिक, यदि चुनाव की घोषणा से पहले किसी अधिकारी के तबादले का आदेश जारी किया गया है, लेकिन उसने अब तक नए पद पर कार्यभार नहीं संभाला है, तो वह बिना आयोग की अनुमति के नई जगह जॉइन नहीं कर सकता। उत्तर और दक्षिण 24 परगना, जलपाईगुड़ी, मेदिनीपुर और हुगली जैसे जिलों में हुए इन तबादलों पर अब संशय के बादल मंडरा रहे हैं। आयोग ने साफ कहा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी का तबादला राज्य सरकार अपनी मर्जी से नहीं कर पाएगी।

विपक्ष ने इस आनन-फानन में किए गए फेरबदल पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का आरोप है कि सरकार चुनाव को प्रभावित करने के लिए अपने करीबी अधिकारियों को महत्वपूर्ण थानों में तैनात कर रही है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासनिक कारणों से तबादला बहुत जरूरी है, तो इसके लिए पहले चुनाव आयोग से लिखित अनुमति लेनी होगी। बंगाल पुलिस की यह ‘लास्ट मिनट’ रदबदल अब पूरी तरह से चुनाव आयोग के विवेक पर टिकी है।

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