LPG Crisis: ‘गैस बैलून नहीं, जनता को गैस दीजिए’, ममता बनर्जी ने केंद्र को बताया ‘महिला और बंगाल विरोधी’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी के खिलाफ कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च निकाला। रैली के बाद जनता को संबोधित करते हुए ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “बीजेपी अपनी रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए कैश बांट रही है, जबकि जनता को गैस की जरूरत है। देश में गैस की कोई कमी नहीं है, केंद्र ने जानबूझकर सर्वर बंद कर एक ‘कृत्रिम संकट’ पैदा किया है।”
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव के तबादले पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “बीजेपी महिला विरोधी और बंगाली विरोधी है। हमारी मुख्य सचिव एक बंगाली महिला थीं, इसलिए उन्हें रात के 1 बजे हटा दिया गया। जो अधिकारी बीजेपी की बात नहीं मान रहे, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।” उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब केंद्र के इशारे पर हो रहा है।
प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए ममता ने कहा कि पीएम केवल पब्लिसिटी में व्यस्त हैं, उन्हें गैस की कीमतों की चिंता नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बीजेपी सत्ता में आई, तो वे लोगों का खान-पान भी नियंत्रित करेंगे और मछली-मांस खाने पर रोक लगा देंगे। शशी पांजा के घर पर हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से बीजेपी का बहिष्कार करने की अपील की। ममता ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पहले हम बंगाल जीतेंगे, उसके बाद दिल्ली का हिसाब करेंगे। बीजेपी से पैसे ले लीजिए, लेकिन वोट उन्हें कभी न दें।”