सरकारी कर्मचारियों को खुश करने की आखिरी कोशिश? अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी ने खोली ममता के वादे की पोल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान से ठीक दो घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बकाया महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान का बड़ा वादा किया। हालांकि, बीजेपी ने इसे केवल एक चुनावी छलावा करार दिया है। मशहूर अर्थशास्त्री और बीजेपी विधायक अशोक लाहिड़ी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता बनर्जी के इस ‘मास्टरप्लान’ की धज्जियां उड़ा दीं।
चुनावी स्टंट का आरोप: अशोक लाहिड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह घोषणा केवल इसलिए की क्योंकि उन्हें पता था कि एक बार आचार संहिता लागू होने के बाद वह ऐसा नहीं कर पाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कर्मचारी महीनों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, तब सरकार सो रही थी। अब चुनाव करीब देख आनन-फानन में यह वादा किया गया है ताकि कर्मचारियों का गुस्सा ठंडा किया जा सके।
खजाने पर सवाल: लाहिड़ी ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस भुगतान के लिए पैसा कहां से आएगा? उनके अनुसार, यह वादा केवल कागजों तक सीमित रहने वाला है। बीजेपी विधायक ने इसे ‘आईवॉश’ करार देते हुए कहा कि जनता और सरकारी कर्मचारी अब इस तरह के राजनीतिक प्रलोभनों में नहीं आने वाले हैं। चुनाव से ठीक पहले इस खुलासे ने बंगाल के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।