“NATO हमारा साथ दे!” ट्रंप ने 7 देशों से मांगी सैन्य मदद, क्या खाड़ी युद्ध ले रहा है विकराल रूप?

पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद से ही क्षेत्र में तनाव चरम पर है। आज युद्ध के 18वें दिन भी स्थिति शांत होने का नाम नहीं ले रही है। ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को दुश्मन देशों के लिए लगभग बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति से निपटने के लिए सात देशों से अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। ट्रंप ने याद दिलाया कि अमेरिका हमेशा नाटो और यूक्रेन के साथ खड़ा रहा है, इसलिए अब सहयोगियों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा, लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा देने से इनकार कर दिया।

ईरान के जवाबी हमलों ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। हाल ही में दुबई के पास ईरानी ड्रोन हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। दुबई हवाई अड्डे के पास आगजनी की घटनाओं के बाद भारत से दुबई जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। कई विमानों को आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। ट्रंप का दावा है कि यह संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना पूरी दुनिया के लिए आर्थिक सुनामी जैसा साबित हो सकता है।

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