“मेरा स्कोर 2-0 है!” खड़गपुर में विरोधियों को पछाड़कर 1 लाख की लीड का लक्ष्य लेकर उतरे दिलीप

खड़गपुर: बुधवार की सुबह खड़गपुर की सड़कों पर भाजपा के कद्दावर नेता दिलीप घोष का पुराना अंदाज़ देखने को मिला। चुनाव प्रचार को महज एक औपचारिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि वह साल के 365 दिन जनता के बीच रहते हैं। पत्रकारों से बात करते हुए दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव न लड़ने पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “गंजा बार-बार बेल के पेड़ के नीचे नहीं जाता (एक बार धोखा खाने वाला दोबारा वहां नहीं जाता)। नंदीग्राम में लड़ने के लिए TMC के पास कोई अपना योग्य उम्मीदवार नहीं है, इसलिए उन्हें उधार के लोगों से काम चलाना पड़ रहा है।”
भ्रष्टाचार और उम्मीदवार सूची पर प्रहार: TMC की नई उम्मीदवार सूची में 74 विधायकों के नाम कटने पर दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी इस समय बहुत बुरे दौर से गुजर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल में बिना दाग वाला नेता ढूंढना नामुमकिन है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर TMC में चोरों को छांटने निकलेंगे, तो पूरा गांव ही खाली हो जाएगा। ममता जी अब खुद को ‘ईमानदारी का प्रतीक’ नहीं कह सकतीं, क्योंकि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार का चेहरा बन चुकी है।”
खड़गपुर का रण: खड़गपुर सीट पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिलीप घोष ने कहा कि उनका मुकाबला किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि विपक्षी दल से है। उन्होंने अपना ट्रैक रिकॉर्ड 2-0 बताते हुए कहा कि इस बार उनका लक्ष्य जीत के अंतर को 1 लाख वोटों तक ले जाना है। उन्होंने संकेत दिया कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भी खड़गपुर आ सकते हैं। दिलीप घोष के इन बयानों ने बंगाल की चुनावी तपिश को और बढ़ा दिया है।