‘हथियार लाने के लिए हटाए गए पुलिस अफसर?’ भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने पर ममता का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही हिंसा और साजिशों की आहट सुनाई देने लगी है। एक तरफ जहां टीएमसी, बीजेपी और लेफ्ट ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, वहीं दूसरी ओर बीरभूम के नलहाटी इलाके से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने से हड़कंप मच गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात एक ट्रैक्टर से करीब 10,000 जिलेटिन स्टिक्स और 360 डिटोनेटर ले जाए जा रहे थे। स्थानीय निवासियों को शक हुआ तो उन्होंने ट्रैक्टर रोककर पुलिस को सूचना दी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक फरार हो गया। चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी मात्रा में बारूद का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।

राजनीतिक सरगर्मी के बीच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होते ही बंगाल के कई जिलों में असंतोष की आग भी भड़क उठी है। टीएमसी द्वारा 291 उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कहीं टायर जलाकर विरोध किया जा रहा है, तो कहीं पार्टी पदों से इस्तीफे दिए जा रहे हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच बीरभूम में विस्फोटकों की बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर सीधे चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।

कालीघाट स्थित अपने आवास से उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों और सचिवों को हटाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजी जैसे अनुभवी अधिकारियों को इसलिए हटाया गया ताकि “हथियारों और रुपयों की तस्करी” आसान हो सके। ममता ने सवाल किया, “विनीत गोयल और मुरली जैसे कुशल अफसरों को क्यों हटाया गया? क्या यह दंगे भड़काने की कोई योजना है?” बीजेपी ने ममता के इन आरोपों को उनकी हार का डर बताते हुए पलटवार किया है। अब देखना यह है कि बारूद की इस बरामदगी के बाद चुनाव आयोग सुरक्षा के क्या कड़े इंतजाम करता है।

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