रिटायरमेंट के बाद भी ठाठ! फ्री AC ट्रेन सफर और हजारों की पेंशन; राज्यसभा सांसदों की विदाई पर खास रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के 5 और देश के विभिन्न राज्यों के कुल 37 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बुधवार को राज्यसभा में इन सांसदों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “राजनीति में कभी पूर्णविराम नहीं होता।” बंगाल से साकेत गोखले, सुब्रत बख्शी, मौसम बेनजीर नूर, ऋतव्रत बनर्जी और विकास रंजन भट्टाचार्य जैसे बड़े चेहरों का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संसद सदस्य न रहने के बाद भी इन नेताओं को कितनी पेंशन और सुविधाएं मिलती हैं?

पेंशन का पूरा गणित संसदीय नियमों के अनुसार, एक पूर्व सांसद को अब हर महीने 31,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन मिलती है। पहले यह राशि 25,000 रुपये थी, लेकिन संसदीय कार्य मंत्रालय के नए गैजेट के अनुसार इसमें बढ़ोतरी की गई है। यदि कोई सांसद 5 वर्ष से अधिक समय तक पद पर रहता है, तो उसे प्रत्येक अतिरिक्त वर्ष के लिए 2,500 रुपये प्रति माह एक्स्ट्रा मिलेंगे। उदाहरण के लिए, यदि किसी का कार्यकाल 7 वर्ष रहा है, तो उसे 31,000 + 5,000 (2,500 x 2) यानी कुल 36,000 रुपये पेंशन मिलेगी।

मुफ्त यात्रा और स्वास्थ्य सुविधाएं पूर्व सांसदों को भारतीय रेलवे में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। यदि वे अकेले यात्रा कर रहे हैं, तो वे ‘फर्स्ट एसी’ में सफर कर सकते हैं। वहीं, एक साथी के साथ होने पर दोनों ‘सेकंड एसी’ में मुफ्त यात्रा के हकदार होते हैं। इसके अलावा, पूर्व सांसदों को ‘सीजीएचएस’ (CGHS) के तहत आजीवन मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलती है। कार्यकाल के दौरान उन्हें 1.24 लाख रुपये मासिक वेतन के अलावा 70,000 रुपये निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 60,000 रुपये कार्यालय भत्ता भी मिलता है।

सांसदों के अन्य लाभ पद पर रहते हुए सांसदों को सालाना 50,000 यूनिट बिजली और 4,000 किलोलीटर पानी मुफ्त मिलता है। कार्यकाल समाप्त होने के एक महीने के भीतर उन्हें सरकारी आवास खाली करना होता है। पीएम मोदी ने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद के बाहर भी समाज सेवा जारी रखें। बंगाल की इन 5 सीटों पर चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं, और नए चेहरे अब सदन की कमान संभालेंगे।

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