ममता की लिस्ट से 74 विधायक आउट! रवींद्रनाथ घोष और असित मजूमदार ने दिए राजनीति से संन्यास के संकेत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लिस्ट जारी होते ही पार्टी के भीतर भूचाल आ गया है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने इस बार 141 नए चेहरों को मौका दिया है, लेकिन इस प्रक्रिया में 4 मंत्रियों सहित 74 मौजूदा विधायकों का पत्ता साफ कर दिया गया है। टिकट न मिलने से नाराज कई दिग्गज नेताओं ने अब पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे टीएमसी के भीतर ‘गृहयुद्ध’ जैसी स्थिति बन गई है।

राजगंज में भारी हंगामा: खगेश्वर राय के गंभीर आरोप राजगंज से चार बार के विधायक खगेश्वर राय ने टिकट कटने के बाद बुधवार को चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि पार्टी मेरे साथ ऐसा अन्याय करेगी। आज मैं पैसों की ताकत के आगे हार गया। जरूर किसी ने मोटी रकम दी होगी, तभी उन्हें टिकट मिला।” इस बार उनकी जगह सपना बर्मन को उम्मीदवार बनाया गया है। खगेश्वर ने भविष्यवाणी की है कि राजगंज में टीएमसी की हार तय है।

दिग्गज नेताओं की विदाई और नाराजगी उत्तर बंगाल के कद्दावर नेता और टीएमसी के प्रदेश उपाध्यक्ष रवींद्रनाथ घोष ने भी टिकट न मिलने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें तुफानगंज से लड़ने को कहा था, लेकिन वे नाटाबाड़ी से लड़ना चाहते थे। अंततः उन्हें लिस्ट से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दिया है। चुंचुड़ा के तीन बार के विधायक असित मजूमदार भी टिकट न मिलने से बेहद नाराज हैं और उन्होंने भी सार्वजनिक रूप से अपना गुस्सा जाहिर किया है।

यद्यपि ममता बनर्जी ने आश्वासन दिया है कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिला है, उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में समर्थकों ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया है। अब देखना यह है कि क्या ममता बनर्जी चुनाव से ठीक पहले इस अंदरूनी कलह को शांत कर पाती हैं या नहीं।

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