चीन को छोड़ भारत की ओर मुड़े रूसी तेल के जहाज! दक्षिण चीन सागर में बीच रास्ते ‘U-Turn’ से दुनिया हैरान

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार के मोर्चे पर भारत के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। रूस से चीन की ओर जा रहे कई विशाल तेल टैंकरों ने अचानक अपना रास्ता बदल लिया है और अब वे भारत की ओर बढ़ रहे हैं। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ‘एक्वा टाइटन’ और ‘ज़ुज़ू एन’ जैसे कम से कम सात रूसी टैंकर, जो पहले चीन के रिझाओ बंदरगाह जाने वाले थे, अब भारत के न्यू मैंगलोर और सिक्का बंदरगाहों पर लंगर डालेंगे।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई बाधित हुई है। इस संकट को देखते हुए अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट दी है। इस छूट का लाभ उठाते हुए भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से लगभग 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, तब रूस से मिलने वाला यह सस्ता तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ साबित होगा। वॉर्टेक्स लिमिटेड की रिपोर्ट बताती है कि भारत अब रूस से अपनी तेल आयात क्षमता को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। 21 मार्च तक रूसी तेल की पहली बड़ी खेप भारत पहुंचने की उम्मीद है, जिससे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और सप्लाई को स्थिर रखने में बड़ी मदद मिलेगी।

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